का सरल उत्तर
पूर्णाहुति = हवन की अंतिम/सम्पूर्ण आहुति। नारियल+घी+खीर+मेवे = एक साथ। मंत्र: 'ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं...' (ईशावास्य) + 'स्वाहा'। अर्थ: सर्वसमर्पण ('इदं न मम')। बिना पूर्णाहुति = हवन अपूर्ण।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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