का सरल उत्तर
दक्षिणाचार (सात्विक) तंत्र साधना — नित्य पूजा, मंत्र जप, यंत्र पूजा — घर पर पूर्णतः उचित है। वामाचार, श्मशान-आधारित और उग्र साधना घर पर गुरु के बिना न करें। ईशान कोण में पूजा कक्ष, स्वच्छ और नियमित। नदी तट और मंदिर परिसर श्रेष्ठ बाहरी स्थान।