विस्तृत उत्तर
तंत्र साधना के स्थान के विषय में महानिर्वाण तंत्र का स्पष्ट मत:
घर पर सुरक्षित तंत्र साधना
महानिर्वाण तंत्र के अनुसार — दक्षिणाचार (सात्विक) तांत्रिक साधना घर पर पूर्णतः उचित और शुभ है।
घर पर की जा सकने वाली साधना
- 1देवी/देव की नित्य तांत्रिक पूजा
- 2मंत्र जप — नवार्ण, क्रीं, ॐ नमः शिवाय
- 3यंत्र स्थापना और पूजा (श्री यंत्र, काली यंत्र)
- 4दुर्गा सप्तशती पाठ
- 5हवन — विशेष अवसर पर
घर पर न करें
- 1वामाचार तांत्रिक विधि — बिना गुरु के
- 2श्मशान-आधारित साधना
- 3निशीथ में उग्र तांत्रिक अनुष्ठान — बिना तैयारी के
- 4पाशुपत आदि उच्च तांत्रिक विधि
घर पर तांत्रिक पूजा कक्ष के नियम
- 1ईशान कोण में स्थापना
- 2कक्ष स्वच्छ और नियमित रखें
- 3परिवार के अन्य सदस्यों का इस कक्ष में उचित आचरण
- 4पूजा के बाद कक्ष बंद रखें
श्रेष्ठ स्थान (बाहर)
नदी तट, पर्वत, मंदिर परिसर, पीपल के वृक्ष के पास — ये तांत्रिक साधना के शुभ स्थान माने गए हैं।
कुलार्णव तंत्र
गृहे पूजयेत् देवीं भक्त्या सर्वकामदाम्।' — घर में भक्ति से देवी की पूजा सभी कामनाएं देती है।





