का सरल उत्तर
तंत्र का उद्देश्य चतुर्विध है: धर्म (शुद्ध आचरण), अर्थ (समृद्धि), काम (इच्छा पूर्ति) और मोक्ष (परम लक्ष्य)। अभिनवगुप्त (तंत्रालोक): 'शिवोऽहम्' का साक्षात्कार — साधक और देवता एक हो जाएं। कुलार्णव: 'तंत्र भोग और मुक्ति दोनों देता है।'
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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