का सरल उत्तर
तंत्र में ध्यान की भूमिका: शक्ति का केंद्रीकरण। देवता का आवाहन (स्वरूप स्पष्ट = उपस्थित)। चक्र-नाड़ी पर ऊर्जा प्रवाह। अहंकार विसर्जन (विज्ञान भैरव: 'मैं-वह का भेद मिटना = मोक्ष')। सिद्धि प्रमाणिकता। दिव्य आभामंडल से रक्षा।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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