का सरल उत्तर
तंत्र से आत्मिक शक्ति: ओज संचय (ब्रह्मचर्य + साधना → चेहरे पर तेज)। वाक् शक्ति (विशुद्धि चक्र जागृति)। संकल्प बल। निर्भयता (भय नाश)। अंतर्ज्ञान (आज्ञा चक्र)। कर्म क्षय। कुलार्णव: 'गुप्त साधक ही सिद्ध।' प्रदर्शन — शक्ति नष्ट।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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