का सरल उत्तर
नित्य प्रलय शक्ति साधक की पुरानी बाधाओं, रोगों, शत्रुओं और नकारात्मक कर्मों का प्रतिक्षण क्षय करती है — ताकि उसका नवीन, शुद्ध और शक्तिशाली स्वरूप निर्मित हो।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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