का सरल उत्तर
तुलसी विवाह = प्रत्येक सनातनी का अधिकार। विशेष रूप से: निसंतान दंपति या जिन्हें कन्या नहीं। शास्त्र: तुलसी को पुत्री मानकर शालिग्राम से विवाह करवाने पर 'कन्यादान' का अक्षय पुण्य।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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