तुलसी विवाह में मंगलाष्टक क्यों पढ़ते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
मंगलाष्टक = विवाह पूर्णता की घोषणा। 8 श्लोकों में त्रिदेव, नवग्रह, पवित्र नदियाँ और महर्षियों का आवाहन कर तुलसी-शालिग्राम के लिए मंगल याचना। अंतिम श्लोक पर 'अंतरपट' (पर्दा) हटाना = विवाह की औपचारिक घोषणा।
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