उच्छिष्ट मातंगी साधना में जूठे मुंह जप क्यों करते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
जूठे मुंह जप क्यों: उच्छिष्ट को साधना का अंग बनाना = सामान्य शुद्धता नियमों का अतिक्रमण — तांत्रिक मार्ग की विशिष्टता। इससे साधक शुद्धता-अशुद्धता के द्वंद्व से ऊपर उठता है, सामाजिक-मानसिक बंधनों से मुक्ति और गहन तांत्रिक ज्ञान।
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