का सरल उत्तर
उद्धरण = मृगी मुद्रा (अंगूठा+अनामिका) से तीनों रेखाओं से थोड़ी-थोड़ी मिट्टी चुटकी में उठाएं → बाएं हाथ में रखें → दाहिने हाथ से ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में फेंकें। यह नकारात्मक ऊर्जा को यज्ञ क्षेत्र से बाहर निकालने का प्रतीक है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।