का सरल उत्तर
माँ मैना ने तपस्या रोकते हुए कहा: 'उ (हे पुत्री) मा (मत कर)' — इसी मातृ-वात्सल्य से 'उमा' नाम पड़ा। केन उपनिषद में 'उमा हैमवती' — देवताओं के अहंकार को नष्ट कर परब्रह्म का ज्ञान देने वाली।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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