का सरल उत्तर
कुल 108 उपनिषद उपलब्ध हैं, परंतु मुख्य 10 उपनिषद (दशोपनिषद) सर्वाधिक प्रामाणिक माने जाते हैं जिन पर शंकराचार्य ने भाष्य लिखा — ईश, केन, कठ, प्रश्न, मुंडक, मांडूक्य, तैत्तिरीय, ऐतरेय, छांदोग्य और बृहदारण्यक।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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