का सरल उत्तर
गरुड़ पुराण के पाँचवें अध्याय के अनुसार अहंकार या दुर्भाव से ब्राह्मण को वाद-विवाद में पराजित करने वाला जलविहीन वन में ब्रह्मराक्षस बनता है। यह ब्रह्मतेज के अपमान का दंड है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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