का सरल उत्तर
मत्स्य पुराण और भविष्य पुराण: वाहन प्रतिष्ठा = महादान और महायज्ञ समान। निर्णय सिंधु: 'आयुध पूजा' के विधान ही आधुनिक वाहन पूजन का आधार। यह मंत्रों, स्वस्तिक और संकल्प शक्ति से यान को सुरक्षित करने का सूक्ष्म विज्ञान है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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