का सरल उत्तर
वैराज देवगणों का स्थूल शरीर नहीं होता; वे अमूर्त, अशरीरी, चेतनामय और ज्ञान-स्वरूप होते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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