का सरल उत्तर
'वांछितं समवाप्नोति, नात्र कार्या विचारणा' का अर्थ है: साधक अपने सभी वांछित फल प्राप्त करता है — इसमें कोई संदेह नहीं करना चाहिए।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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