ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

असितांग भैरव साधना में कौन से उद्देश्य वर्जित हैं?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

वशीकरण, उच्चाटन, मारण, शत्रु नाश जैसे तामसिक उद्देश्य वर्जित हैं — नकारात्मक उद्देश्य से साधना करने पर दंडनायक भैरव स्वयं दंडित कर सकते हैं।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
सावधानियाँ और नियम

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।

सरल उत्तर: असितांग भैरव साधना में कौन से उद्देश्य