असितांग भैरव साधना में कौन से उद्देश्य वर्जित हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
वशीकरण, उच्चाटन, मारण, शत्रु नाश जैसे तामसिक उद्देश्य वर्जित हैं — नकारात्मक उद्देश्य से साधना करने पर दंडनायक भैरव स्वयं दंडित कर सकते हैं।
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