का सरल उत्तर
वर्णाश्रम = 4 वर्ण (गुण-कर्म आधारित) + 4 आश्रम (ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ, संन्यास)। मूल उद्देश्य: संतुलित जीवन। प्रासंगिक: जीवन चरणों का क्रमिक विकास, श्रम विभाजन। अप्रासंगिक: जन्म आधारित जाति, स्त्री प्रतिबंध। गीता: 'गुणकर्मविभागशः' — गुण-कर्म से, जन्म से नहीं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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