का सरल उत्तर
वसंत पंचमी व्रत पारण: अगले दिन (षष्ठी को) सूर्योदय के बाद सात्त्विक भोजन करें और माता को अर्पित किए गए बेर (Jujube) के फल का सेवन करें। व्रत में: फलाहार (फल, कुट्टू)।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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