का सरल उत्तर
नया प्रेत वसु बनते ही पूर्व वसु रुद्र और पूर्व रुद्र आदित्य बन जाता है; यही पितृ पदोन्नति है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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