का सरल उत्तर
वायु तत्त्व का बीज मंत्र 'यं' (Yam) है — यह अनाहत चक्र से संबद्ध है। साधना से वायु तत्व शुद्ध-संतुलित होता है और प्रेम, करुणा, क्षमा का भाव विकसित होता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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