का सरल उत्तर
वेद कंठस्थ करने की विधि प्रकृतिपाठ (संहिता, पद, क्रम) और विकृतिपाठ (जटा, माला, शिखा, रेखा, ध्वज, दण्ड, रथ, घन) पर आधारित है। घनपाठ सबसे जटिल है जिसे सीखने में १३ वर्ष लगते हैं। गुरुकुल में हाथ-सिर की गतिविधियों से स्वर स्मरण कराया जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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