विदेश में रहकर श्राद्ध कैसे करें?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
सरल: दक्षिण मुख + तिल-जल + 'ॐ पितृभ्यो नमः' 3 बार — कहीं भी। सात्विक भोजन अर्पण। ऑनलाइन: भारत में मंदिर/पंडित से करवाएँ, गौशाला दान। 'श्रद्धा से छोटा कर्म = पितर तृप्त।' विदेश = बहाना नहीं।
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श्राद्ध विधि
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