का सरल उत्तर
जाग्रत मंत्र: 'उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पते। त्वयि सुप्ते जगन्नाथ जगत्सुप्तमिदं भवेत्...' अर्थ: हे गोविंद! जागें — आपके सोने पर सारा जगत सुप्त हो जाता है। इस मंत्र से चातुर्मास समाप्त और मांगलिक कार्य शुरू।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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