का सरल उत्तर
'विष्णु' = 'विष्ऌ व्याप्तौ' धातु से — व्याप्त होना अथवा प्रवेश करना। 'वेवेष्टि व्याप्नोति इति विष्णु:' — वह परम सत्ता जो सम्पूर्ण चराचर जगत, दृश्य-अदृश्य ब्रह्मांड और दिशाओं-कालों में अबाधित रूप से व्याप्त है, वही विष्णु है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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