का सरल उत्तर
विष्णु यज्ञ: शालिग्राम/विष्णु स्थापना → पुरुष सूक्त से षोडशोपचार → 'ॐ नमो नारायणाय' जप → पीपल समिधा-तुलसी-पीले तिल हवन → विष्णु सहस्रनाम आहुति → श्री सूक्त (लक्ष्मी हेतु) → दान। सत्यनारायण = सरलतम रूप।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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