व्रत रखते हैं पर मनोकामना पूरी नहीं हो रही — क्यों?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
व्रत सौदे की तरह नहीं होना चाहिए। कारण — भाव की कमी, नियमों में त्रुटि, माँग का स्वरूप, प्रारब्ध। व्रत का पहला फल मन की साधना और संकल्प-शक्ति है। भाव शुद्ध रखें, फल भगवान पर छोड़ें।
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भक्ति एवं आध्यात्म
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