का सरल उत्तर
वृंदावन कात्यायनी शक्तिपीठ: यहाँ सती की केशराशि गिरी थी। भूतेश्वर क्षेत्र में विराजित। नित्य पूजा। माँ कात्यायनी आज भी ब्रज भूमि में गोपियों का कल्याण करती हैं — सच्चे मन से पुकारने वाली कन्या को जीवनसाथी का वरदान।
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