विस्तृत उत्तर
उत्तर प्रदेश के मथुरा (वृंदावन) में कात्यायनी शक्तिपीठ है, जहाँ सती की केशराशि गिरी थी।
इसे वृंदावन के भूतेश्वर क्षेत्र में विराजित शक्तिपीठ माना जाता है और वहाँ नित्य माँ कात्यायनी की पूजा होती है।
वर्तमान में भक्तों का विश्वास है कि माँ कात्यायनी ब्रज भूमि (वृंदावन) में अब भी गोपियों का कल्याण करती हैं और जो कन्या सच्चे मन से उन्हें पुकारती है, उसे योग्य जीवनसाथी का वरदान देती हैं।
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