व्याघ्रचर्म आसन का क्या उपयोग है साधना में
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
व्याघ्रचर्म आसन तेज, बल, साहस और राजसी सफलता के लिए है। स्वयं भगवान शिव इस आसन पर विराजते हैं — जो अहंकार-विजय का प्रतीक है। निर्विघ्न साधना और विषैले जंतुओं से रक्षा इसका विशेष फल है।
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