का सरल उत्तर
सामवेद = गान प्रधान वेद। गीता 10.22: 'वेदानां सामवेदोऽस्मि'। यज्ञ में उद्गाता (सामवेदी) सामगान करता है — देवताओं का आह्वान। सोमयाग में 4 सामवेदी ऋत्विज् अनिवार्य। सप्तस्वर का उद्गम। छान्दोग्य उपनिषद्: उद्गीथ (ॐकार) = सामवेद का सार। बड़े श्रौत यज्ञ बिना सामगान अपूर्ण।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।