का सरल उत्तर
इस सिद्धांत में तपोलोक बाहरी ब्रह्मांड का लोक भी है और शरीर में ललाट या आज्ञा चक्र की चेतना भी।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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