का सरल उत्तर
यतिनाथ अवतार में शिव ने संन्यासी वेश धारण कर भील दंपती आहुक-आहुका की परीक्षा ली। पत्नी आहुका ने प्राण देकर यति की रक्षा की। शिव प्रसन्न होकर अचलेश लिंग रूप में प्रकट हुए। अगले जन्म में दोनों नल-दमयन्ती बने।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।