योगी अपने शरीर में ब्रह्मलोक तक कैसे देखता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
योगजनित धर्मरूप संसर्ग से योगी ब्रह्मलोक तक जो कुछ है, उसे अपने शरीर में स्थित देखता है।
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