ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

योगी अपने शरीर में ब्रह्मलोक तक कैसे देखता है?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

योगजनित धर्मरूप संसर्ग से योगी ब्रह्मलोक तक जो कुछ है, उसे अपने शरीर में स्थित देखता है।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
औपसर्गिक ऐश्वर्य

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।