ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीमद्भगवद्गीता · अर्जुन विषाद योग

श्लोक 2

अर्जुन विषाद योग · Arjuna Vishada Yoga

मूल पाठ

सञ्जय उवाच | दृष्ट्वा तु पाण्डवानीकं व्यूढं दुर्योधनस्तदा | आचार्यमुपसङ्गम्य राजा वचनमब्रवीत्

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

संजय बोले - उस समय वज्रव्यूह-से खड़ी हुई पाण्डव-सेना को देखकर राजा दुर्योधन द्रोणाचार्य के पास जाकर यह वचन बोला।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

संजय बोले - उस समय वज्रव्यूह-से खड़ी हुई पाण्डव-सेना को देखकर राजा दुर्योधन द्रोणाचार्य के पास जाकर यह वचन बोला।

English Meaning

Sanjaya said Having seen the army of the Pandavas drawn up in battle-array, King Duryodhana then approached his teacher (Drona) and spoke these words.

Sanjaya said Having seen the army of the Pandavas drawn up in battle-array, King Duryodhana then approached his teacher (Drona) and spoke these words.

आगे पढ़ें — अर्जुन विषाद योग के सभी श्लोक · श्रीमद्भगवद्गीता