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श्रीमद्भगवद्गीता · सांख्य योग

श्लोक 17

सांख्य योग · Sankhya Yoga

मूल पाठ

अविनाशि तु तद्विद्धि येन सर्वमिदं ततम् | विनाशमव्ययस्यास्य न कश्चित् कर्तुमर्हति

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

अविनाशी तो उसको जान, जिससे यह सम्पूर्ण संसार व्याप्त है। इस अविनाशीका विनाश कोई भी नहीं कर सकता।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

अविनाशी तो उसको जान, जिससे यह सम्पूर्ण संसार व्याप्त है। इस अविनाशीका विनाश कोई भी नहीं कर सकता।

English Meaning

Know that to be indestructible, by Which all this is pervaded. None can cause the destruction of That, the Imperishable.

Know that to be indestructible, by Which all this is pervaded. None can cause the destruction of That, the Imperishable.

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