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श्रीमद्भगवद्गीता · सांख्य योग

श्लोक 39

सांख्य योग · Sankhya Yoga

मूल पाठ

एषा तेऽभिहिता सांख्ये बुद्धिर्योगे त्विमां शृणु | बुद्ध्यायुक्तो यया पार्थ कर्मबन्धं प्रहास्यसि

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे पार्थ! यह समबुद्धि तेरे लिए पहले सांख्ययोगमें कही गयी, अब तू इसको कर्मयोगके विषयमें सुन; जिस समबुद्धिसे युक्त हुआ तू कर्मबन्धनका त्याग कर देगा।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

हे पार्थ! यह समबुद्धि तेरे लिए पहले सांख्ययोगमें कही गयी, अब तू इसको कर्मयोगके विषयमें सुन; जिस समबुद्धिसे युक्त हुआ तू कर्मबन्धनका त्याग कर देगा।

English Meaning

This, which has been taught to thee, is wisdon concerning Sankhya. Now listen to wisdom concerning Yoga, endowed with which, O Arjuna, thou shalt cast off the bonds of action.

This, which has been taught to thee, is wisdon concerning Sankhya. Now listen to wisdom concerning Yoga, endowed with which, O Arjuna, thou shalt cast off the bonds of action.

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