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श्रीरामचरितमानस · अरण्य काण्ड

अरण्य काण्ड दोहा 34

अरण्य काण्ड · Aranya Kaand

मूल पाठ

कंद मूल फल सुरस अति दिए राम कहुँ आनि। प्रेम सहित प्रभु खाए बारंबार बखानि॥34॥

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

उन्होंने अत्यंत रसीले और स्वादिष्ट कन्द, मूल और फल लाकर श्री रामजी को दिए। प्रभु ने बार-बार प्रशंसा करके उन्हें प्रेम सहित खाया॥34॥

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