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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड चौपाई 271

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

गए अवध चर भरत गति बूझि देखि करतूति। चले चित्रकूटहि भरतु चार चले तेरहूति॥271॥

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

गुप्तचर अवध को गए और भरतजी का ढंग जानकर और उनकी करनी देखकर, जैसे ही भरतजी चित्रकूट को चले, वे तिरहुत (मिथिला) को चल दिए॥271॥

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