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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 101

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

पद पखारि जलु पान करि आपु सहित परिवार। पितर पारु करि प्रभुहि पुनि मुदित गयउ लेइ पार॥101॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

चरणों को धोकर और सारे परिवार सहित स्वयं उस जल (चरणोदक) को पीकर पहले (उस महान पुण्य के द्वारा) अपने पितरों को भवसागर से पार कर फिर आनंदपूर्वक प्रभु श्री रामचन्द्रजी को गंगाजी के पार ले गया॥101॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 101 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik