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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 118

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

लखन जानकी सहित तब गवनु कीन्ह रघुनाथ। फेरे सब प्रिय बचन कहि लिए लाइ मन साथ॥118॥

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तब लक्ष्मणजी और जानकीजी सहित श्री रघुनाथजी ने गमन किया और सब लोगों को प्रिय वचन कहकर लौटाया, किन्तु उनके मनों को अपने साथ ही लगा लिया॥118॥

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