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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 122

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

एहि बिधि रघुकुल कमल रबि मग लोगन्ह सुख देत। जाहिं चले देखत बिपिन सिय सौमित्रि समेत॥122॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

रघुकुल रूपी कमल को खिलाने वाले सूर्य श्री रामचन्द्रजी इस प्रकार मार्ग के लोगों को सुख देते हुए सीताजी और लक्ष्मणजी सहित वन को देखते हुए चले जा रहे हैं॥122॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 122 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik