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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 132

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

चित्रकूट महिमा अमित कही महामुनि गाइ। आइ नहाए सरित बर सिय समेत दोउ भाइ॥132॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

महामुनि वाल्मीकिजी ने चित्रकूट की अपरिमित महिमा बखान कर कही। तब सीताजी सहित दोनों भाइयों ने आकर श्रेष्ठ नदी मंदाकिनी में स्नान किया॥132॥

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