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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 141

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

रामु लखन सीता सहित सोहत परन निकेत। जिमि बासव बस अमरपुर सची जयंत समेत॥141॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

लक्ष्मणजी और सीताजी सहित श्री रामचन्द्रजी पर्णकुटी में ऐसे सुशोभित हैं, जैसे अमरावती में इन्द्र अपनी पत्नी शची और पुत्र जयंत सहित बसता है॥141॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 141 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik