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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 144

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

बिप्र बिबेकी बेदबिद संमत साधु सुजाति। जिमि धोखें मदपान कर सचिव सोच तेहि भाँति॥144॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जैसे कोई विवेकशील, वेद का ज्ञाता, साधुसम्मत आचरणों वाला और उत्तम जाति का (कुलीन) ब्राह्मण धोखे से मदिरा पी ले और पीछे पछतावे, उसी प्रकार मंत्री सुमंत्र सोच कर रहे (पछता रहे) हैं॥144॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 144 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik