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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 147

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

सचिव आगमनु सुनत सबु बिकल भयउ रनिवासु। भवनु भयंकरु लाग तेहि मानहुँ प्रेत निवासु॥147॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

मंत्री का (अकेले ही) आना सुनकर सारा रनिवास व्याकुल हो गया। राजमहल उनको ऐसा भयानक लगा मानो प्रेतों का निवास स्थान (श्मशान) हो॥147॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 147 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik