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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 153

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

भयउ कोलाहलु अवध अति सुनि नृप राउर सोरु। बिपुल बिहग बन परेउ निसि मानहुँ कुलिस कठोरु॥153॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

राजा के रावले (रनिवास) में (रोने का) शोर सुनकर अयोध्या भर में बड़ा भारी कुहराम मच गया! (ऐसा जान पड़ता था) मानो पक्षियों के विशाल वन में रात के समय कठोर वज्र गिरा हो॥153॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 153 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik