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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 155

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

राम राम कहि राम कहि राम राम कहि राम। तनु परिहरि रघुबर बिरहँ राउ गयउ सुरधाम॥155॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

राम-राम कहकर, फिर राम कहकर, फिर राम-राम कहकर और फिर राम कहकर राजा श्री राम के विरह में शरीर त्याग कर सुरलोक को सिधार गए॥155॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 155 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik