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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 156

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

तब बसिष्ठ मुनि समय सम कहि अनेक इतिहास। सोक नेवारेउ सबहि कर निज बिग्यान प्रकास॥156॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तब वशिष्ठ मुनि ने समय के अनुकूल अनेक इतिहास कहकर अपने विज्ञान के प्रकाश से सबका शोक दूर किया॥156॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 156 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik